नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या क्यों की थी?

नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या क्यों की थी

नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या क्यों की थी? इस बारे में बहुत ही कम लोग जानते होंगे। यहाँ हम आपको अपने इस ब्लॉग में इसके कुछ प्रमुख कारण बता रहे हैं

नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या क्यों की थी?

पहला कारण: भारत-पाकिस्तान बंटवारा

नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या क्यों की थी

भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के समय भारत द्वारा पाकिस्तान को 75 करोड़ रुपए दिए जाने का निर्णय लिया गया था। इस पैसे का उपयोग पाकिस्तान ने भारत के कश्मीर प्रांत पर आक्रमण करने के लिए किया। यह घटना नाथूराम गोडसे के लिए अत्यंत दुखद थी।(नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या क्यों की थी )

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दूसरा कारण: गांधी जी की नीतियाँ

जब बंटवारा हुआ था, पाकिस्तान से कई हिंदू परिवार भारत आए थे और वे दिल्ली की मस्जिदों में आए थे। गांधी जी ने उन लोगों को मस्जिदों से निकालकर रात भर बाहर ठिठुरते रहने को मजबूर किया था। यह मंजर नाथूराम गोडसे को बहुत दुःखी करता था।

तीसरा कारण: अन्य नीतियाँ

गांधी जी ने अनेक अवसरों पर महाराणा प्रताप शिवाजी और गुरु गोविन्द सिंह को पथभ्रष्ट देशभक्त कहा था। इसके अलावा, उन्होंने स्वम नाथ मंदिर का सरकारी राशि आरोप पुनः निर्माण करने की कोशिश की थी। नाथूराम गोडसे को यह नीतियाँ अस्वीकार्य थीं।

चौथा कारण: कांग्रेस की नीतियाँ

नाथूराम गोडसे को गांधी जी के आपातकालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की नीतियाँ अस्वीकार्य थीं। वे यह मानते थे कि गांधी जी की नीतियाँ देश के लिए नुकसानदायक थीं।

पांचवा कारण: भारत-पाकिस्तान के बंटवारे का समर्थन

गांधी जी ने भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के प्रस्ताव के खिलाफ थे, लेकिन फिर भी उन्होंने उसे समर्थन किया। इससे नाथूराम गोडसे को गहरा दुख हुआ, क्योंकि गांधी जी ने पहले ही कहा था कि देश का विभाजन उनकी मौत के बाद होगा।

छठा कारण: गांधी जी की नीतियाँ

गांधी जी ने मुहम्मद अली जिन्ना को कायदे आजम की उपाधि दी थी, जो नाथूराम गोडसे के लिए अस्वीकार्य थी। वह मानते थे कि यह नीति देश के हिंदू भागीदारों की हत्या को प्रोत्साहित करती है।(नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या क्यों की थी )

नाथूराम गोडसे का प्रयास

नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या क्यों की थी

नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या करने का पहले भी 2 बार कोशिश 1944 मे की थी , लेकिन उनका यह प्रयास सफल नहीं हुआ। फिर भी वे अपनी कोशिशों को जारी रखे और अंततः 30 जनवरी, 1948 को महात्मा गांधी की हत्या कर दी।(नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या क्यों की थी )

नाथूराम गोडसे का अंतिम बयान

नाथूराम गोडसे, जिन्होंने 30 जनवरी 1948 को महात्मा गांधी की हत्या की थी, ने अदालत में अपने बयान में कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। इनमें से कुछ मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:

नाथूराम गोडसे का अंतिम बयान

1. गांधी के प्रति सम्मान:

गोडसे ने कहा कि वह गांधी का सम्मान करता था और उनके विचारों और कार्यों को गंभीरता से पढ़ता था। उन्होंने कहा कि पिछले 30 वर्षों में गांधी और वीर सावरकर ने भारतीयों के विचार और कार्य को सबसे अधिक प्रभावित किया है।

2. हिंदुत्व और हिंदुओं के प्रति दायित्व:

गोडसे ने कहा कि उनका पहला दायित्व हिंदुत्व और हिंदुओं के प्रति है। उनका मानना ​​था कि 30 करोड़ हिंदुओं की स्वतंत्रता और हितों की रक्षा करने से पूरे भारत की रक्षा होगी। इस विचार ने उन्हें हिंदू संगठनों की विचारधारा और कार्यक्रमों के करीब ला दिया।

3. गांधी के विचारों का विरोध:

गोडसे ने कहा कि गांधी के विचारों में उत्तेजना थी। जब गांधी ने मुसलमानों के पक्ष में अंतिम उपवास रखा, तो गोडसे इस नतीजे पर पहुंच गए कि गांधी के अस्तित्व को खत्म करना होगा।

4. गांधी के नेतृत्व पर सवाल:

गोडसे ने गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाए। उनका मानना ​​था कि गांधी ने खुद को “अंतिम न्यायाधीश” मानना ​​शुरू कर दिया था। यदि देश को उनका नेतृत्व स्वीकार नहीं करना चाहता था, तो वे कांग्रेस से अलग राह पर चलने लगते थे।

5. हत्या का औचित्य:

गोडसे ने कहा कि उन्होंने गांधी की हत्या इसलिए की क्योंकि उनका मानना ​​था कि यह हिंदुत्व और हिंदुओं के लिए आवश्यक था।

नाथूराम गोडसे का बयान हमें उनके विचारों और उनकी हत्या के पीछे के कारणों को समझने में मदद करता है। यह बयान भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना है और आज भी इसकी चर्चा होती है।(नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या क्यों की थी )

नाथूराम गोडसे का मंदिर

नाथूराम गोडसे का मंदिर

ग्वालियर में हिंदू महासभा द्वारा नाथूराम गोडसे के नाम पर मंदिर का शिलान्यास किए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। जिला प्रशासन ने मंदिर निर्माण के लिए जमीन आवंटित करने से इनकार कर दिया था, लेकिन महासभा ने इसे अपने दौलतगंज कार्यालय क्षेत्र में बनाया है।(नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या क्यों की थी )

(नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या क्यों की थी )

इस घटना ने कई सवालों को जन्म दिया है:

  • क्या गोडसे को मंदिर बनाकर सम्मानित किया जाना चाहिए?
  • क्या यह गांधीजी के सिद्धांतों का अपमान नहीं है?
  • क्या सरकार को इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए?

हिंदू महासभा का तर्क है कि गोडसे एक देशभक्त थे जिन्होंने भारत को हिंदुओं के लिए सुरक्षित बनाने के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया।

दूसरी ओर, कई लोग इसे गांधीजी की हत्या का महिमामंडन मानते हैं और इसे निंदनीय मानते हैं।

मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर आरोप लगाया है कि वे गोडसे के समर्थकों का मौन समर्थन कर रहे हैं।

यह घटना भारत में राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गई है।

यह महत्वपूर्ण है कि हम इस मुद्दे पर विचारपूर्वक विचार करें और सभी पक्षों के दृष्टिकोण को समझें।

हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि गोडसे को अदालत ने गांधीजी की हत्या का दोषी ठहराया था और उन्हें फांसी दी गई थी।

हमें एक ऐसे समाज का निर्माण करना चाहिए जो सभी के लिए न्याय और समानता पर आधारित हो।

समाप्ति

नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या करके अपनी राष्ट्रभक्ति को प्रदर्शित किया, हालांकि इसका गलत तरीके से समाप्त होना चाहिए था। अगर आपको इस विषय पर अपनी राय साझा करनी है, तो कृपया कमेंट करें। हम आशा करते हैं कि इस ब्लॉग ने आपको इस विषय पर आवश्यक ज्ञान प्रदान किया होगा। धन्यवाद!

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